नैनो टेक्नोलॉजी क्या है?

नैनो टेक्नोलॉजी क्या है? | Nanotechnology kya hai | What is nanotechnology in Hindi. 

"Nanotechnology" शब्द पिछले कुछ वर्षों से लोगो का और media में बहुत अधिक ध्यान आकर्षित कर रहा है। समाचारों ने तो नैनोटेक्नोलॉजी को अगली वैज्ञानिक revolution यानी क्रांति के रूप में शुरू कर दिया है -super computer, कैंसर का इलाज और energy संकट का समाधान और भी ऐसे कई तकनीक आने वाले future में देखा जा सकता है। लेकिन वास्तव में "Nanotechnology" क्या है? और, क्या नैनो टेक्नोलॉजी इन सभी वादों को पूरा कर सकती है? तो चलिए जानते है नैनो टेक्नोलॉजी के बारे में..

नैनो टेक्नोलॉजी क्या है?

नैनो टेक्नोलॉजी क्या है? | Nanotechnology kya hai.  

Nanotechnology एक ऐसी तकनीक, इंजीनियरिंग और विज्ञान है जिसके द्वारा पदार्थ यानी matters की संरचना को nanoscale (जो लगभग 1 से 100 nanometer होता है) के स्तर पर कंट्रोल किया जाता है। Nanoscience और nanotechnology बेहद छोटी चीजों (जैसे की atoms और molecules) का अध्ययन है।  

इसका उपयोग सभी विज्ञान क्षेत्रों, जैसे कि भौतिकी, जीव विज्ञान, सामग्री विज्ञान और इंजीनियरिंग इन सब में किया जा सकता है। प्राकृतिक दुनिया में ऐसे कई चीजे मौजूद हैं जिनमे नैनोमीटर dimensions देखा जा सकता है, जैसे की मानव शरीर के भीतर आवश्यक अणु (molecules) और खाद्य पदार्थों के components भी शामिल हैं। आने वाले समय में nanotechnology पूरी दुनिया के लिए बेहद ही फायदेमंद साबित होगा।  

Nanotechnology विज्ञान और इंजीनियरिंग की दुनिया में innovation की अगली लहर का हिस्सा है जो आने वाले समय में information technology, energy, medicine, defense, transportation आदि इन सभी क्षेत्रों को बदल देगी। नैनोटेक्नोलॉजी की मदद से बनाए जाने वाले materials, आज के समय में ऑटोमोबाइल, इमारतों, पुलों, हवाई जहाजों आदि में उपयोग की जाने वाली materials की तुलना में अधिक मजबूत, हल्की और टिकाऊ होगी।

नैनो टेक्नोलॉजी की खोज किसने की थी? | Who discovered nanotechnology in Hindi  

Nanoparticles यानी नैनोकणों का खोज और अवलोकन (observation) पहली बार 20 वीं शताब्दी के पहले दशक के दौरान अमेरिकी भौतिक विज्ञानी Richard Adolf Zsigmondy द्वारा किया गया था, जिन्हें नैनो टेक्नोलॉजी के पिता यानी "Father Of Nanotechnology" के नाम से भी जाना जाता है। इन्हे रसायन यानी chemistry विज्ञान में नोबेल पुरस्कार भी प्राप्त हैं। 

नैनो टेक्नोलॉजी हमारे जीवन को कैसे बेहतर बना सकती है?

नैनो टेक्नोलॉजी की मद्दद से हम ज्यादा fast, छोटे और अधिक powerful कंप्यूटर बना सकते है। नैनो टेक्नोलॉजी द्वारा बनाये जाने वाली यह powerful computers लंबे समय तक चलने वाली battery के साथ साथ यह बहुत कम बिजली (electricity) की खपत करेंगे।  

नैनो टेक्नोलॉजी मद्दद से हम तेज़, अधिक सटीक और functional चिकित्सा diagnostic उपकरण बना सकते है। क्या आपने कभी “Lab-on-a-chip” नामक तकनीक के बारे में सुना है, यह तकनीक आने वाले समय में real time में परीक्षण को सक्षम बना सकता है और urgent चिकित्सा देखभाल में तेजी प्रदान कर सकता है।  सभी nanomaterial surfaces, जो की आधुनिक implants के उत्पादन के लिए उपयोग की जाती हैं, वो सभी प्रकार के संक्रमण यानी infection से बचती हैं। 

Pharmaceutical products (medicines) में नैनोपार्टिकल्स मौजूद होते हैं, जो हमारे शरीर के भीतर दवाई को सोखने में सुधार करते हैं। Nanoparticles का उपयोग आने वाले समय में chemotherapy दवाओं को विशिष्ट कोशिकाओं यानी cells, जैसे कि कैंसर कोशिकाओं यानी cancer cells तक पहुंचाने के लिए भी किया जा सकता है, जिससे कैंसर का आसानी से ख़त्म किया जा सकता है। 

कार्बन नैनोट्यूब (Carbon nanotubes) के कई तरह के व्यावसायिक यानी commercial उपयोग हैं, जिसमें sports equipment को मजबूत और हल्का वजन बनाना शामिल है। उदाहरण के लिए, कार्बन नैनोट्यूब से बना टेनिस रैकेट गेंद से impact के दौरान कम bend होता है, जिससे बल और प्रभाव की सटीकता बढ़ जाती है। Nanoparticle से बनाई जाने वाली tennis balls दूसरे tennis balls की तुलना में दुगनी उछलती हैं।

नैनो टेक्नोलॉजी वाहन ईंधन दक्षता (vehicle fuel efficiency) में सुधार करने में मदद करती है। वाहन के पुर्जे जो nanocomposite सामग्री से बनाए जाते है वो धातु यानी metal की तुलना में हल्के, मजबूत और रासायनिक रूप से अधिक प्रतिरोधी होते हैं। Nanofilters हवा को दहन कक्ष (combustion chamber) में पहुंचने से पहले उसमे से लगभग सभी airborne particles को हटा देते हैं, जिससे गैस माइलेज में सुधार होता है।

पानी के फिल्टर जो की सिर्फ 15 से 20 नैनोमीटर चौड़े होंगे जो नैनो-आकार के particles और dust को हटा सकते हैं, इसके साथ नैनो-आकार में लगभग सभी viruses और bacteria भी शामिल हैं। यह emerging देशों में पीने के पानी की quality में सुधार के लिए एक प्रभावी और portable जल उपचार प्रणाली हो सकता है।

आज के समय में अधिकांश sunscreens नैनोकणों से बने होते हैं, जो की sunlight के साथ साथ खतरनाक ultraviolet radiations को भी प्रभावी ढंग से absorb करते हैं। नैनोकणों से बने sunscreens त्वचा पर बड़ी आसानी से फैल जाते हैं। Sunscreen में इस्तेमाल किये जाने वाले नैनोकणों का उपयोग food packaging में UV exposure को कम करने और shelf life को लम्बा करने के लिए भी किया जाता है।

क्या नैनो टेक्नोलॉजी सुरक्षित है? | Is nanotechnology safe in Hindi. 

नैनो टेक्नोलॉजी को develop करने के लिए सरकारी और private कंपनिया काफी पैसा खर्च कर रहे है। लेकिन सवाल यह है की क्या nanotechnology सुरक्षित है? इसका सवाल का उत्तर scientists निश्चित रूप से नहीं जानते हैं। लेकिन बहुत सारे scientists इस सवाल का जवाब पता लगाने पर काम कर रहे हैं! 

कुछ लोग का यह मानना हैं कि nanotechnology सुरक्षित है, क्योंकि लगभग बहुत सारे nano-materials प्रकृति में पाए जाने वाली materials और चीजों से कुछ different यानी अलग नहीं हैं। तो वही दूसरी ओर, कुछ लोग यह सोचते हैं कि nanotechnology सुरक्षित नहीं है क्योंकि कुछ nano-materials प्रकृति में पाए जाने वाले asbestos की तरह होती हैं। 

Asbestos एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला mineral यानी खनिज है, यह लचीले रेशों (flexible fibers) से बना होता है जो गर्मी, जंग और बिजली  के प्रतिरोधी होते हैं। ये गुण यानी properties इस खनिज को काफी उपयोगी बनाते हैं, लेकिन वे asbestos के संपर्क को अत्यधिक toxic भी बनाते हैं।  

तो, सच क्या है? यानी nanotechnology सुरक्षित है या नहीं यह किसी को नहीं पता। अभी दुनिया भर में कई सारे scientists अलग-अलग प्रकार के सभी नैनोटेक्नोलॉजी उत्पादों यानी products का अध्ययन कर रहे हैं, ताकि वो इस बात का पता लगा पाए कि कौन से nanotechnology products सुरक्षित है और nanotechnology products सुरक्षित नहीं है। 

लेकिन इस बात का पता लगाना काफी मुश्किल है, क्योंकि वो क्या है जो चीजें को  हानिकारक बनाती हैं? वह इस बात पर depend करता है कि वे किस material से बने हैं, उनका आकार, और यह भी कि ये nano products हमारे शरीर में कैसे प्रवेश करेंगे। 

नैनोटेक्नोलॉजी products की सुरक्षा का परीक्षण करने के लिए government बहुत पैसा खर्च कर रही है, लेकिन समस्या यह है की nanotechnology products का परीक्षण करना आसान नहीं है और हमारे पास अभी परीक्षण करने के लिए अच्छे equipment और तरीके मौजूद नहीं हैं। शायद nanotechnology products का परीक्षण करने का सबसे अच्छा तरीका जानवरों का उपयोग करना है। 

लेकिन इसमें भी समस्या यह है की यह कोई नहीं जानता कि nanotechnology products का कितना परीक्षण करना काफी होगा और परीक्षण के लिए किस तरह के जानवरों का उपयोग करना सही होगा। लेकिन परीक्षण के लिए animals का उपयोग करना भी एक नैतिक समस्या है। 

परन्तु परीक्षण के बेहतर techniques विकसित करने से हमें यह समझने में मदद मिलेगी कि हम nanotechnology का इस्तेमाल कैसे और किन चीजों में कर सकते हैं। इसका परीक्षण करने से हमें यह अनुमान (estimate) लगाने में भी मदद मिल सकती है कि किस प्रकार की नैनो तकनीक वाली materials हमारे और प्रकृति के लिए सुरक्षित है या नहीं और हमें किन चीजों से सावधान रहने की आवश्यकता है।

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